मुशायरे में शायरों ने बांधा समां
गूंजे मोहब्बत और भाईचारे के पैगाम
देहरादून। शहर में आयोजित मुशायरे में देश और समाज में मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देने वाली शायरी ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा। कार्यक्रम की सदारत नदीम बरनी ने की, जबकि सूर्यकांत धस्माना मेहमान-ए-खुसूसी रहे। सुनील साहिल ने निजामत के दायित्व को बखूबी निभाया।
मुशायरे में शाख दूनवी, अम्बिका सिंह ‘रूही’, बदरुद्दीन ‘जिया’, डॉली डबराल, शौहर जलालाबादी, राजेश आनंद ‘असीर’, एससी मुज्तर, मोनिका ‘मंताशा’, रईस ‘फिगार’, राही नेहटोरी, तसनीमा कौसर, दीपक अरोड़ा, एएस शाह और कमाल तकी ने अपना कलाम पेश किया। शायरों की रचनाओं पर श्रोताओं ने जमकर दाद दी और कार्यक्रम देर तक शेर-ओ-शायरी से गुलजार रहा।
कार्यक्रम के कन्वीनर अमजद खान ‘अमजद’ और आरिफ अतीब ने आयोजन की व्यवस्थाओं को संभाला। आयोजकों ने कहा कि मुशायरे का उद्देश्य साहित्य के माध्यम से समाज में प्रेम, सौहार्द, भाईचारे और इंसानियत की भावना को मजबूत करना है।



