5 साल की मासूम से दरिंदगी का 48 घंटे में खुलासा, आदतन अपराधी गिरफ्तार

5 साल की मासूम से दरिंदगी का 48 घंटे में खुलासा, आदतन अपराधी गिरफ्तार
50 से अधिक CCTV फुटेज खंगालकर पुलिस ने दबोचा आरोपी, हाल ही में जेल से छूटा था


पिथौरागढ़।
पिथौरागढ़ पुलिस ने पांच वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले का महज 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच्ची को घटना के आठ घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया था। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद मामले में पोक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराएं बढ़ाई गईं।
पुलिस के अनुसार, 23 जून को कोतवाली पिथौरागढ़ में पांच वर्षीय बालिका की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर चार विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस ने 20 से 25 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालते हुए बच्ची को टनकपुर तिराहे के पास से महज आठ घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि होने पर पुलिस ने मुकदमे में बीएनएस की धारा 65(2), 115(2), 137(2), 351(3) तथा पोक्सो एक्ट की धारा 5/6 जोड़ दी।

50-60 CCTV फुटेज से मिली आरोपी की पहचान
जांच के दौरान पुलिस ने 50 से 60 सरकारी एवं निजी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। इसके आधार पर आरोपी की पहचान 35 वर्षीय होशियार सिंह, निवासी रई धनौड़ा, पिथौरागढ़ के रूप में हुई। पुलिस ने 25-26 जून की मध्यरात्रि करीब 12:15 बजे पुनेड़ी महर रोड बैंड के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया।

आदतन अपराधी निकला आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले भी बच्चों के साथ जघन्य अपराध कर चुका है। वर्ष 2022 में वह 11 वर्षीय बालक के अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराया गया था, जिसमें उसे सात वर्ष और पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा मिली थी। वह अल्मोड़ा, सितारगंज और हरिद्वार जेल में बंद रहा तथा 14 मई 2026 को हरिद्वार जिला कारागार से निजी बंधपत्र पर रिहा हुआ था।

आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक का प्रावधान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर हैं। इन अपराधों में कानून के तहत शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास अथवा मृत्युदंड तक का प्रावधान है। पुलिस न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर आरोपी को कठोरतम सजा दिलाने का प्रयास करेगी।

पुलिस टीम को मिलेगा नकद पुरस्कार
मामले के सफल खुलासे में उपनिरीक्षक कमलेश चंद्र जोशी, हेड कांस्टेबल मुकेश शर्मा और कांस्टेबल पंकज गिरी की विशेष भूमिका रही। उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ ने पूरी टीम को ₹5,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।