मदरसा दार-ए-अरकम में शान से फहराया गया तिरंगा

  • मदरसा दार-ए-अरकम में शान से फहराया गया तिरंगा
  • छात्रों ने पेश किए सांस्कृतिक कार्यक्रम, शहीदों को किया याद
  • उलेमा ने जंग-ए-आजादी में दी गई कुर्बानियों को किया याद


देहरादून।
आज़ादी के पर्व स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज़ाद कॉलोनी स्थित मदरसा दार-ए-अरकम madarsa dar e arqam में देशभक्ति और उत्साह के माहौल में तिरंगा फहराया गया। इस दौरान मदरसे के छात्रों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हाफिज सुलेमान ने की। उन्होंने अपने संबोधन में जंग-ए-आजादी के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों द्वारा दी गई कुर्बानियों को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी अनगिनत शहीदों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। हमें उनके संघर्ष और आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत करना चाहिए।


कार्यक्रम में जमीयत उलेमा-ए-हिंद जिला देहरादून के जिलाध्यक्ष मौलाना अब्दुल मन्नान कासमी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने जंग-ए-आजादी में उलेमा और मदरसों से जुड़े लोगों के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए उलेमा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अनेक लोगों ने अपना जीवन तक कुर्बान कर दिया।


कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद शाहनज़र ने किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की तरक्की और मजबूती के लिए सभी वर्गों को आपसी भाईचारे, सद्भाव और एकता के साथ आगे बढ़ना होगा।


इस अवसर पर मदरसे के प्रबंधक मास्टर अब्दुल सत्तार, प्रधानाचार्य मौलाना अब्दुल वाजिद मजाहिरी, कारी नईम, कारी मुनव्वर, कारी इरफान, कारी मरगूब, मास्टर इरशाद, अशफाक अहमद, मोहम्मद आनस सहित मदरसे के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन देश की खुशहाली, अमन और तरक्की की दुआ के साथ हुआ।