- पद्मश्री प्रो. वर्मा ने शिक्षकों को दिए भौतिकी शिक्षण के नए मंत्र
- कहा, भौतिकी को रटने की बजाय समझने की जरूरत
- यूपीईएस में छह दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न, देशभर से पहुंचे 40 शिक्षक
देहरादून। भौतिकी को रटने की बजाय समझने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर जोर देते हुए पद्मश्री प्रो. एच.सी. वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को अधिक प्रश्न हल करने के बजाय मूल अवधारणाओं को समझने पर ध्यान देना चाहिए। मजबूत वैचारिक समझ होने पर कठिन से कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न भी आसानी से हल किए जा सकते हैं।
देहरादून स्थित यूपीईएस upes में प्रो. एच.सी. वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित छह दिवसीय आवासीय कार्यक्रम नेशनल वर्कशॉप ऑफ उत्साही फिजिक्स टीचर्स-2026 (एनडब्ल्यूपीटी-2026) का सफल समापन हुआ। कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए 40 भौतिकी शिक्षकों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागी तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड समेत कई राज्यों से पहुंचे थे।
कार्यक्रम में सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ महाविद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। छह दिनों तक चले प्रशिक्षण में प्रो. वर्मा और विशेषज्ञों की टीम ने प्रदर्शन आधारित प्रयोग, हैंड्स-ऑन गतिविधियां, वैचारिक चर्चाएं, समस्या समाधान तकनीक, परियोजना आधारित शिक्षण और संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किए। शिक्षकों को ऐसी शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराया गया, जिनसे
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा और विषय की गहरी समझ विकसित हो सके।
कार्यशाला के दौरान आलोचनात्मक चिंतन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रो. वर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, अवलोकन करने और तार्किक विश्लेषण करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण आईआईटी-जेईई के भौतिकी प्रश्नों पर आधारित विशेष सत्र रहा। लाइव प्रदर्शन के माध्यम से प्रो. वर्मा ने बताया कि यदि मूलभूत अवधारणाएं स्पष्ट हों तो जटिल प्रश्नों का समाधान भी सरल तर्क से किया जा सकता है।
यूपीईएस के कुलपति डॉ. सुनील राय ने कहा कि शिक्षक भविष्य के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विश्वविद्यालय शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और अनुभवात्मक शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने बताया कि एनडब्ल्यूपीटी-2026 की सफलता के बाद यूपीईएस उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर राज्यभर के भौतिकी और गणित शिक्षकों के लिए प्रो. एच.सी. वर्मा के मार्गदर्शन में बड़े स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। कार्यक्रम का समन्वयन यूपीईएस के प्रो. धु्रव कुमार ने किया।



