आजीवन सहयोग निधि से मिले धन का ब्योरा सार्वजनिक करे भाजपाः आर्य
देहरादून। उत्तराखण्ड कांग्रेस फिलहाल सत्तासीन भाजपा पर हमलावर है, पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के 30 करोड़ की एफडी वाले बयान पर अभी बवाल थमा भी नही था, कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा की और से जमा की गई आजीवन सहयोग निधि को लेकर गंभीर आरोप लगाए है।
उल्लेखनीय है कि 2016 की बगावत के बाद हरक और 2017 के चुनाव से पहले यशपाल आर्य भाजपा में चले गये थे। अब दोनो ही नेता कांग्रेस में लोट चुके है। यशपाल आर्य ने कहा कि जब वो भाजपा में थे तो उन्होंने भी आजीवन सहयोग निधि में चेक के जरिए रुपए दिए थे। यशपाल आर्य ने चैलेंज देते हुए ये कहा कि यदि सरकार ईमानदार है तो भाजपा संगठन ने आजीवन सहयोग निधि से जो धन इकट्ठा किया है, उसे सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि तस्वीर साफ हो जाए।
आज राजीव भवन कांग्रेस मुख्यालय देहरादून में राज्य सरकार के विधानसभा सत्र के दौरान तानाशाह रवैये और विपक्ष द्वारा नियम 310 के अंतर्गत प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था और निरंकुश अफसरशाही पर सरकार द्वारा चर्चा को नहीं स्वीकारने को लेकर पार्टी के समस्त वरिष्ठ साथीजनों के साथ विचार… pic.twitter.com/8xgsMDpVJA
— Yashpal Arya (@IamYashpalArya) August 22, 2025
वहीं, हरक सिंह रावत के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि ये भाजपा के लिए बड़ा बम है, जिसका तोड़ भाजपा के पास नहीं है। हरीश रावत ने कहा कि हरक सिंह रावत के बयान के बाद अब साफ हो गया है कि भाजपा ने सिर्फ पार्टी चलाने के लिए नहीं बल्कि अपना घर भरने के लिए भी जनता को लूटा है।
भाजपा मुक्त होने तक नही पहनुंगा मालाः हरक सिंह
देहरादून। अपने बयानों और वचनों का लेकर विख्यात हरक सिंह रावत ने भाजपा पर 30 करोड़ की एफडी बनाने में खनन कारोबियों से दस-दस लाख रुपए लेने का आरोप लगाने के बाद शुक्रवार को एक और प्रतिज्ञा ली है। शुक्रवार को राजीव भवन में आयोजित विधायकों के सम्मान समारोह में जब हरक सिंह को माला पहनाई जा रही थी, तो उन्होने माला पहनने से इंकार करते हुए कहा कि जब तक उत्तराखण्ड से भाजपा को समाप्त नही कर देता माला नही पहनूंगा।
इससे पहले हरक सिंह ने प्रेस कांफ्रेस कर कहा था कि भाजपा ने पार्टी चलाने के लिए बैंक में तीन करोड़ की एफडी कराई है, उन्होंने भी हल्द्वानी और रामनगर के खनन कारोबियों से दस-दस लाख रुपए के चेक लेकर एक करोड़ जुटाए थे। हरक सिंह रावत ने तो यहां तक कह दिया था कि एफडी में किन-किन लोगों ने कितनी धनराशि दी है, इसकी जांच यदि ईडी ने ईमानदारी के साथ की, तो पूरी भाजपा सलाखों के पीछे होगी। हरक ने कहा था कि वो इस मामले में खुद को भी दोषी मानते हैं।