संरक्षित पशु को काटने के आरोप में छह गिरफ्तार

संरक्षित पशु को काटने के आरोप में छह गिरफ्तार

देहरादून। संरक्षित पशु को काटने के आरोप में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसारे कोतवाली विकासनगर को सूचना प्राप्त हुई कि डाकपत्थर क्षेत्र स्थित बैराज झूला पुल के पास एक संरक्षित पशु के अवशेष पड़े हुए है।

सूचना पर कोतवाली विकासनगर से पुलिस बल तत्काल मौके पर पंहुचा तो ज्ञात हुआ कि झूलापुल डाकपत्थर के पास एक संरक्षित पशु का सिर पडा था तथा मौके पर हिन्दु समुदाय के लोगों द्वारा रोष व्यक्त किया जा रहा था, घटना के सम्बन्ध में कोतवाली विकासनगर पर मुकदमा दर्ज किया गया। घटना की संवेदनशीलता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा घटना के खुलासे तथा आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई।

गठित टीम द्वारा घटना स्थल के आस-पास आने जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों से घटना में संलिप्त संदिग्धों के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारियां एकत्रित कर प्राप्त जानकारी के आधार पर ठोस सुरागरसी पतारसी करते हुए साथ ही पूर्व में पशु चोरी व गौकशी के अपराध में संलिप्त आरोपियों की वर्तमान स्थिती की जानकारी कर उनका भौतिक सत्यापन किया गया।

पुलिस टीम द्वारा किये जा रहे प्रयासों से आज पुलिस टीम द्वारा मिली सूचना पर डाकपत्थर बैराज निकट कूडा घाटी यमुनानदी के किनारे विकासनगर से घटना में सलिंप्त 06 लोगों को गिरफ्तार किया जिन्होंने अपने नाम अब्दुल रहमान पुत्र इरफान, शहबान पुत्र इरफान, राशिद उर्फ नीलू पुत्र अख्तर, शौकीन उर्फ लुटिया पुत्र स्वर्गीय लतीफ, आशिक पुत्र सलीम तथा सुलेमान पुत्र वाहिद गिरफ्तार किया गया।

उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त 02 चापड, 02 धारदार खुखरी, पशु कटान के उपकरण तथा दो लकड़ी के गुटके बरामद किये गए। घटना के सम्बन्ध पूछताछ करने पर उनके द्वारा बताया गया कि वे यमुना नदी के किनारे आवारा पशुओं को पकड़कर उन्हें जगंल में ले जाकर उनका अवैध कटान कर उनका मांस बेच देते हैं, जिससे उन्हें काफी अच्छा मुनाफा हो जाता है।

उनके द्वारा कुछ दिन पूर्व डाकपत्थर बैराज के पास से एक बछड़े को पकड़कर नदी किनारे ले जाकर उसे काटने तथा उसका सिर वही छोडकर भाग जाने की घटना को स्वीकार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के विरूद्ध जनपद के अलगकृअलग थानों में चोरी, नकबजनी, एनडीपीएस तथा गौकशी के कई मुकदमें दर्ज हैं, जिसमें आरोपी पूर्व में भी जेल जा चुके हैं।