देहरादून। आज विकलांगों के बनने वाले विकलांग प्रमाण पत्र में होनी वाली परेशानी को लेकर ग्रामीण विकास समिति के अध्यक्ष कुँवर सिंह की ओर पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि देहरादून में विकलांग जनों को प्रमाण पत्र बनने के लिए गांधी शताब्दी अस्पताल में जाना पड़ता है, जहां चिकित्सक द्वारा उनको अलग अलग जांच करवाने के लिए इधर उधर भेजा जाता है।
गांधी शताब्दी अस्पताल में विकलांगों के लिए पूछताछ केंद्र नहीं जिससे उन्हे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल द्वारा विकलांगों को केवल एक पर्चा दे दिया जाता है और अन्य अस्पतालों मे भेज दिया जाता है। आंखों, अर्थों, मनोचिकित्सक के पास जांच के लिए भेजे जाने के कारण आवेदक बेवजह परेशान होते है।
जिसको लेकर सरकार और प्रशासन से हमारी मांग है कि विकलांग प्रमाण पत्र बनाने से संबंधित सभी डॉक्टर एक ही छत के नीचे हो जिससे विकलांग जनों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। कुँवर सिंह ने बताया की इसके लिए उनकी समिति द्वारा मुख्यमंत्री, स्वस्थ सचिव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी से इसके लिए लिखित रूप से मांग की है।
