पीआरडी को पृथक कर गृह विभाग से जोड़ा जाएः मंद्रवाल
देहरादून। पीआरडी जवानों ने अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दिया और कहा कि अगर हमारी मांगे नही मानी गई तो उग्र आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। प्रदेश संयोजक प्रमोद मंद्रवाल ने कहा कि प्रांतिय रक्षा दल संशोधित नियम वाली 20 मई 2024 में पीआरडी स्वयंसेवक के स्थान पर पीआरडी कर्मी किया जाना चाहिए।
प्रांतिय रक्षक दल संशोधित नियमवाली 2024 में सामान्य कार्य का समान वेतन व 365 दिन का नियमित रोजगार जिला योजना के बजाय विभाग के बजट से केवल वर्दीधारी प्रशिक्षण प्राप्त जवानों जो की शांति सुरक्षा ड्यूटी में तैनात किया जाना अतिआवश्यक है एवं समय-समय पर राज्य के कर्मियों के भांति दिया जाना अति आवश्यक है।
प्रांतीय रक्षक दल संशोधित नियमावली 2024 में पीआरडी जवानों के एक दिन की कल्याण कोस कटौती में से 10 लाख रुपए सेवा नियुक्त होने एवं मेडिकल उपचार होने पर एवं किसी भी दशा में पीआरडी जवानों की मृत्यु होने की दशा में दिया जाना चाहिए। प्रांतीय रक्षक दल संशोधित नियमावली 2024 में पीआरडी जवानों को मानदेय के स्थान पर मासिक वेतन दिया जाए।
राज्य सरकार को प्रांतीय रक्षक दल संशोधित नियमावली 2024 में पीआरडी स्वयंसेवकों के परीक्षण बेच के अनुसार ड्युटीया प्रमोशन पद वेतन वर्गीकरण जैसे सुरक्षा गार्ड कंप्यूटर ऑपरेटर वाहन चालक कुक माली आदि वारीयता के आधार पर किया जाना चाहिए। प्रांतीय रक्षक दल संशोधित नियमावली 2024 में पीआरडी जवानों को संविदा कर्मियों की भांति 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर नियमितिकरण किया जाना अति आवश्यक है।
जवानों को वर्ष में एक ठंडी वह एक गर्म वर्दी मिलनी चाहिए। प्रांतीय रक्षक दल के जवानों को भी होमगार्ड के भांति सुविधाए मिलनी चाहिए। युवा कल्याण विभाग से पीआरडी को पृथक कर पीआरडी को गृह विभाग से जोड़ा जाए। होली, दिवाली पर बोनस दिया जाए।
इस मौके पर प्रदेश संयोजक प्रमोद मंद्रवाल, जिला अध्यक्ष देहरादून गम्भीर सिंह रावत, सोनू कुमार, सगिता आहुजा, सुधिर, सावेत्री, मुकेश चौहान, किशन दत्त, उदय सिंह, रंजना चौहान, गिता देवी व भीम सिंह आदि उपस्थित रहे।