हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली), श्यामपुर कांगड़ी में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत आयोजित मुख्य सेवक की चौपाल कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने जनता के बीच बैठकर सीधे संवाद किया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार अब फाइलों में नहीं, मैदान में काम करेगी।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों के ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी शिकायत को लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं पर देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अन्य विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि जिन समस्याओं का समाधान तत्काल संभव है, उनका निस्तारण मौके पर ही किया जाए।
हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (श्यामपुर कांगड़ी) में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत आयोजित मुख्य सेवक की चौपाल कार्यक्रम में पहुंचकर क्षेत्र के ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को सुना और बड़ी संख्या में उपस्थित देवतुल्य जनता को… pic.twitter.com/UIrwJFGkFK
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 16, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “मुख्य सेवक की चौपाल” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही का जीवंत प्रमाण है। सरकार का उद्देश्य है कि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे।
उन्होंने दो टूक कहा कि राज्य सरकार जनहित के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही सरकार का लक्ष्य है। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सरकार जनता के साथ खड़ी है — हर समय, हर परिस्थिति में। धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा है। उन्होंने स्वयं को जनता से अलग नहीं, बल्कि उनका सेवक बताते हुए कहा कि जनता की संतुष्टि ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे यहां लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए आए हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का संकल्प प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है, ताकि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार का मूल मंत्र है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जनहित सर्वोपरि रहे और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि किसी की आवाज दबाई नहीं जाएगी और कोई शिकायत अनसुनी नहीं रहेगी। सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत बीते डेढ़ माह में पूरे प्रदेश में लाखों लोग लाभान्वित हो हुए हैं | उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सशक्त सेतु है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 27,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए भी निरंतर प्रोत्साहित कर रही है, जिससे प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बन सके और राज्य के समग्र विकास में भागीदार बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आय में वृद्धि के लिए सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू कर उत्तराखण्ड ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधार अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
