- …कहा, आप धुरंधर-धाकड़ हैं, तो महिला को सीएम बनाएं
- बसपा विधायक शहजाद ने सदन में सरकार किये तीखे प्रहार
- बोले, महिला सम्मान पर सभी दल असफल
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान बसपा विधायक हाजी मोहम्मद शहजाद ने सरकार और अन्य राजनीतिक दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने महिला सम्मान के मुद्दे पर सभी दलों की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से इस विषय पर बातें होती रही हैं, लेकिन कोई भी दल ईमानदारी से काम करता नजर नहीं आता।
शहजाद ने कहा कि महिलाओं ने सबसे अधिक बलिदान दिया है, लेकिन उन्हें उनका उचित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या उसे पहले से पता था कि संबंधित बिल गिर जाएगा। यदि ऐसा था तो सभी दलों के साथ पहले चर्चा क्यों नहीं की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सीधे चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि यदि वे खुद को धाकड़ और मजबूत नेता मानते हैं, तो महिलाओं को मंत्रिमंडल में शामिल करें। साथ ही उन्होंने प्रदेश में अब तक महिला मुख्यमंत्री न बनने पर भी सवाल उठाया और मांग की कि किसी महिला को मुख्यमंत्री बनाया जाए।
जनगणना के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। कहा कि 2023 के बाद देशभर में चुनाव होते रहे, लेकिन जनगणना नहीं कराई गई। इससे सरकार की मंशा पर संदेह होता है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन का जिक्र करते हुए शहजाद ने कहा कि 14 मार्च को उन पर लाठीचार्ज किया गया, जबकि एक महीने बाद 16 अप्रैल को नारी वंदन सम्मान की बात की जा रही है। उन्होंने सरकार से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय की स्पष्ट घोषणा करने की मांग की और कहा कि इस मुद्दे पर वे सरकार का समर्थन करने को तैयार हैं।
विकास नही, तुष्टिकरण पर वोट मांग रही भाजपाः शहजाद
विधायक हाजी मोहम्मद शहजाद ने विकास और तुष्टिकरण की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार विकास तो कर रही है, मगर वोट मांगने के समय तुष्टिकरण की राजनीति हावी हो जाती है।
इसके अलावा, उन्होंने मुसलमानों पर हो रहे कथित अत्याचारों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि उनके अधिकारों को सीमित किया जा रहा है। मदरसा शिक्षा परिषद की जगह प्राधिकरण बनाने के फैसले पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए। विधानसभा में उनके इस भाषण के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
- शिक्षा के मामले में समाज को न बांटा जाएः धामी
- सरकार किसी को भी शिक्षा के नाम पर बांटना नहीं चाहती
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान विधायक शहजाद की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में सभी लोग प्रेमपूर्वक रहते हैं। यहां सभी में सद्भाव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार-सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के ध्येय के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबको शिक्षा का अधिकार मिले, इसके अंतर्गत मदरसा बोर्ड पर कार्य किया गया है।
सीएम धामी ने कहा कि शिक्षा के मामले में समाज को न बांटा जाए। सरकार किसी को भी शिक्षा के नाम पर बांटना नहीं चाहती। शिक्षा के मामले में न अल्पसंख्यक और न कोई बहुसंख्यक है। मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक और अच्छी शिक्षा, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, एआई का लाभ मिले, इसके लिए काम किया गया है।
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विरासत और इतिहास से सबक लेते हुए -हम आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं। अगर इतिहास में कुछ अच्छा नहीं हुआ है तो उसे भी बताना पड़ेगा। साथ ही उन्होने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय हमारी सरकार में ही बढ़ा है। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को उम्मीद भी हमारी सरकार से है। उन्होंने कहा भविष्य में भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मांग को हम लोग ही पूरा करेंगे।



