- अब ग्रेजुएट युवा ही बन सकेंगे वन दारोगा
- आयु सीमा 18-28 से बढ़ाकर की 21 से 35 वर्ष
- वन आरक्षी के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित
- पुरुषों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 163 सेमी व महिलाओं के लिए 150 सेमी रखी गई
देहरादून। उत्तराखंड की धामी कैबिनेट ने वन दरोगा भर्ती नियमों में अहम बदलाव को मंजूरी दी है, जिसे सरकार का बड़ा ‘सियासी कदम’ माना जा रहा है। कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार अब वन दरोगा भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक कर दी गई है। यानी अब केवल ग्रेजुएट युवा ही इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही आयु सीमा में भी बड़ा संशोधन किया गया है।
मुख्यमंत्री सचिव शैलेश बगौली के अनुसार, उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत वन दरोगा की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष कर दी गई है, जबकि वन आरक्षी के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
सरकार के इस फैसले से राज्य के युवाओं में नई उम्मीद जगी है और जल्द ही बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
वन दरोगा भर्ती में लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा भी होती है। लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को पहले शारीरिक परीक्षा से गुजरना होता है। चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-05 के तहत 29,200 से 92,300 रुपये तक वेतनमान मिलता है। भर्ती के लिए शारीरिक मानक भी निर्धारित हैं।
पुरुषों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 163 सेमी और महिलाओं के लिए 150 सेमी रखी गई है। सीने में कम से कम 5 सेमी का फैलाव अनिवार्य है। हालांकि अनुसूचित जनजाति एवं कुछ विशेष क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को ऊंचाई में छूट दी गई है। शारीरिक दक्षता परीक्षा के तहत पुरुष अभ्यर्थियों को 4 घंटे में 25 किलोमीटर और महिला अभ्यर्थियों को 14 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी।
सरकार के इस फैसले को आगामी चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले वर्ष 124 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। नए नियम लागू होने के बाद जल्द ही बड़ी संख्या में नई भर्तियों की उम्मीद जताई जा रही है।
Related



