- उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के डी.एम., एस.एस.पी. को कार्यवाही करके 4 सप्ताह में कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश
- काशीपुर में हुये मानवाधिकार हनन वा उत्पीड़न की सूचना अधिकार कार्यकर्ता समाज सेवी ने की थी जनहित में शिकायत
काशीपुर। बहुचर्चित आई लव मौहम्मद मार्च प्रकरण के बाद काशीपुर के अल्लीखां, थानासाबिक क्षेत्र में 20 हजार लोगों के अवैध उत्पीड़न व मानवाधिकार हनन तथा मूल अधिकार हनन की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कार्यवाही के आदेश दिये हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शिकायत की प्रति उधमसिंह नगर जिले के डीएम व एसएसपी को भेजकर इस पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराने तथा कार्यवाही की रिपोर्ट 4 सप्ताह के भीतर आयोग को प्रस्तुत करने के आदेश दिये हैं।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता व समाजसेवी नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने अल्लीखां, थानासाबिक क्षेत्र के मानवाधिकार हनन, अवैध उत्पीड़न व मूल अधिकार हनन की राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करायी थी। इस पर कार्यवाही के सम्बन्ध में श्री नदीम को मैसेज व ई.मेल द्वारा सूचित किया गया है तथा डी.एम. व एस.एस.पी. को भेजे मेल की प्रति उपलब्ध करायी गयी है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के डिप्टी रजिस्ट्रार (लॉ) स्पर्श अग्रवाल द्वारा जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधमसिंह नगर को भेजे मेल दिनांक 09-04-2026 के अनुसार शिकायतकर्ता ने रिपोर्ट किया है कि “आई लव मौहम्मद” पोस्टरों के साथ बच्चों के मार्च को गलत तरीके से एक पुलिस हमले की घटना से जोड़ कर अल्लीखान, थाना सबिक क्षेत्र, काशीपुर (उत्तराखंड) के 20,000 निवासियों को गैरकानूनी रूप से घरों में नजरबंद कर दिया गया है।
निर्दाेष बच्चों, दुकानदारों और राहगीरों को अवैध रूप से हिरासत में लिया जा रहा है, पीटा जा रहा है और उन्हें कानूनी सहायता से वंचित किया जा रहा है, जबकि उनके परिजनों को भी उठाया जा रहा है। एक अघोषित कर्फ्यू, पुलिस उत्पीड़न और नगर निगम द्वारा की जा रही तोड़फोड़ ने स्थिति को अमानवीय बना दिया है।
नदीम ने 26 सितम्बर 2025 को दर्ज शिकायत में अवगत कराया था कि बासंफोड़ान पुलिस चौकी के पास हुई तथाकथित शर्मनाक घटना के वीडियो वायरल होने के बाद रात 11 बजे से अल्लीखां व थाना साबिक क्षेत्र को बंद करा दिया गया तथा यहां की लगभग 20 हजार जनता को घरों में बंदी जैसा बना दिया गया तथा यह सिलसिला शिकायत की तिथि तक जारी था।
रात 11 बजे से ही एक राजनैतिक दल के पोस्टर व फ्लैक्सी में लगे फोटो के आधार पर लोगों को घरों से उठाकर ले जाना शुरू कर दिया गया। फिर सी.सी.टी.वी. फुटेज के आधार पर आई लव मौहम्मद मार्च में शामिल बच्चों तथा मार्च के बाद अपने घर जा रहे बच्चों, उन्हें देखने आये अन्य व्यक्तियों तथा राहीगीरों यहां तक दुकानदारों तथा उनके दुकान पर मौजूद ग्राहकों को मार्च में शामिल बताकर थाने व पुलिस चौकियों पर ले जाया गया तथा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार उनकी अवैध रूप से जमकर पिटाई की गयी।
इतना ही नहीं जो बच्चा या बड़ा घर पर नहीं मिला उसके निकट सम्बन्धी को उठाकर ले जाया गया। पांच दिन होने पर भी इनमें से अधिकतर को अवैध रूप से बंदी बनाकर भूखा प्यासा रखा गया हैं तथा उनके परिवार के लोगों तथा उनकी पसंद के अधिवक्ताओं को भी मिलने नहीं दिया गया।
इस मामले को तूल देते हुये दरोगा की पिटाई की घटना के लिये लोगों पर इल्जाम लगाते हुये पूरे अल्ली खां, व थानासाबिक क्षेत्र को टारगेट करते हुय थाना साबिक चंुगी से लेकर अल्ली खां, चौराहे तक के काशीपुर के यातायात के प्रमुख मार्ग अल्लीखां, मार्ग को बैरिकैट लगाकर बंद करके पुलिस के जवानों को बैठा दिया गया तथा दुकानों को बंद करा दिया गया।
रात को 7 बजे से सुबह 7 बजे तक अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया दुकानों तथा लोगों को घरों से बाहर आने पर पाबंदी लगा दी गयी थी। इसके साथ इस क्षेत्र के घरों की जांच दस बारह लोगों की टीम घर-घर जाकर करायी गयी तथा बिजली के स्मार्ट मीटर लगाये गये तथा राशन कार्डों आदि की भी जांच करायी गयी है।
साथ ही नगर निगम अधिकारियों के द्वारा बिना किसी नोटिस के नालियों, नाले तथा उन पर चढ़ने के लिये बनी पैरियों को बुल्डोजर से तोड़ दिया गया जिससे क्षेत्र में गंदगी हो गयी तथा बच्चे व महिलायें घरों से निकल नहीं पा रहे थे।
