राज्यपाल ने इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम कंट्रोल रूम का भ्रमण किया

राज्यपाल इमरजेंसी रेस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम कंट्रोल रूम का भ्रमण करते हुए।

देहरादून।  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कोर्ट रोड, देहरादून स्थित ‘‘सरदार पटेल भवन’’ का भ्रमण कर पुलिस के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर स्थित गढ़वाल परिक्षेत्र कार्यालय, उत्तराखण्ड पुलिस पेंशनर्स कार्यालय, प्रशिक्षण शाखा, यातायात निदेशालय कार्यालय का भ्रमण किया।

राज्यपाल ने डायल-112 (इमरजेंसी रेस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम) कंट्रोल रूम का भ्रमण किया जहां डीजीपी अशोक कुमार ने उन्हें कंट्रोल रूम की कार्य प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। राज्यपाल ने कहा कि डायल-112 के माध्यम से आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं का जिस प्रकार त्वरित समाधान किया जा रहा है वह प्रशंसनीय है।

राज्यपाल ने उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा ड्रोन से की जा रही मॉनिटरिंग फीड को देखकर यातायात प्रबंधन में उपयोग की जा रही तकनीक और विषम परिस्थितियों में भी यातायात ड्यूटी में नियुक्त पुलिस कर्मियों की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस के कार्यों में जिस प्रकार टेक्नोलॉजी को जोड़ा गया है वह प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि अच्छे रिजल्ट के लिए रियल टाइम मॉनीटरिंग और त्वरित रिस्पांस आवश्यक है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने मित्रता, सेवा और सुरक्षा के रूप में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग एक सेवा का कार्य है और जिस निष्ठा और मेहनत से हमारे पुलिस के जवान और अधिकारी कार्य कर रहे हैं वह सराहनीय है। उत्तराखण्ड पुलिस मॉर्डनाइजेशन, टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है।

राज्यपाल ने कहा कि पुलिस, कानून व्यवस्था के साथ-साथ आपात स्थिति और विभिन्न प्रकार के आयोजनों जिनमें चार धाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, ट्रैफिक नियंत्रण आदि के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। राज्यपाल ने कहा कि पुलिस को आधुनिक, संवेदनशील एवं स्मार्ट पुलिस बल बनने की दिशा में फोकस किए जाने की जरूरत है।

स्वयं को अपडेट करते रहना आवश्यक : Governor Gurmeet Singh

उन्होंने कहा वर्तमान में पुलिस को ट्रेनिंग के माध्यम से स्वयं को अपडेट करते रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास सदैव बना रहे इसका निरंतर प्रयास किया जाय। उन्होंने कहा कि पुलिस को लोगों के बीच बनी पूर्व धारणाओं को समाप्त करने का भी प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा किये जा रहे विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में आम जन तक प्रचार-प्रसार करने का सुझाव दिया, ताकि पुलिस के सकारात्मक कार्यों के बारे में आम जन को जानकारी हो सके। इस दौरान राज्यपाल ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन के लिए इस यात्रा से जुड़े अधिकारियों और जवानों का उत्साहवर्धन किया।

डीजीपी अशोक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने एक ओर पीड़ित केंद्रित पुलिसिंग को ध्येय बनाया है तो दूसरी ओर अपराधियों पर सख्त कार्यवाही की है।

उन्होंने बताया कि गम्भीर अपराधों में वर्कआउट एवं बरामद की गयी सम्पत्ति के क्षेत्र में पूरे देश में उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही का प्रतिशत सबसे बेहतर है। ड्रग्स, ट्रैफिक, साइबर क्राइम और महिला सुरक्षा उत्तराखण्ड पुलिस के फोकस एरिया हैं।

जिन पर विशेष कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। इस दौरान एडीजी प्रशासन अमित सिन्हा, एडीजी पीएस पी.वी.के. प्रसाद, एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था ए.पी. अंशुमन सहित पुलिस विभाग के अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

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