देहरादून। जनपद में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद में सरकारी विद्यालयों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक और ऐतिहासिक पहल की है। जिले के सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास सुविधा विकसित करने के उद्देश्य से 880 स्मार्ट एलईडी टीवी का स्टॉक तैयार कर लिया गया है। अब सरकारी विद्यालयों में भी निजी स्कूलों की तर्ज पर प्रत्येक कक्षा में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से डिजिटल और इंटरएक्टिव शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। खरीदी गई स्मार्ट टीवी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्री-डिस्पैच इंस्पेक्शन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी की संयुक्त टीम को कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, पांडिचेरी भेजा गया है।
निरीक्षण दल द्वारा स्मार्ट टीवी की तकनीकी विशिष्टताओं, सुरक्षा मानकों, गुणवत्ता स्तर एवं बिड डॉक्यूमेंट में निर्धारित सभी शर्तों के अनुरूपता की गहन जांच की जाएगी। निरीक्षण में सभी मानक संतोषजनक पाए जाने के पश्चात ही उपकरणों को देहरादून भेजने की अनुमति दी जाएगी। जिला प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि विद्यालयों को उच्च गुणवत्ता के उपकरण प्राप्त हों और सार्वजनिक धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता व जवाबदेही के साथ सुनिश्चित किया जाए।
उल्लेखनीय है कि जनपद में पिछले डेढ़ वर्ष से “उत्कर्ष” परियोजना के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। विद्यालयों में फर्नीचर, खेल अवस्थापना सुविधाएं, शौचालय, विद्युत, पेयजल, मंकीनेट, पुस्तकालय सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। अब स्मार्ट टीवी की स्थापना से शिक्षण व्यवस्था को डिजिटल रूप से और अधिक मजबूत किया जाएगा।
इस पहल से विद्यार्थियों को दृश्य-आधारित, रोचक एवं सहभागितापूर्ण शिक्षण का लाभ मिलेगा, शिक्षकों को ऑडियो-विजुअल माध्यम से पढ़ाने में सुविधा होगी तथा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालय भी तकनीकी रूप से सशक्त बनेंगे। स्मार्ट क्लास परियोजना से जनपद के हजारों छात्र-छात्राओं को आधुनिक शिक्षण संसाधनों का सीधा लाभ मिलेगा और भविष्य की डिजिटल शिक्षा व्यवस्था के लिए मजबूत आधार तैयार होगा।
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