ऊर्जा बचत पर धामी सरकार के बड़े फैसले

ऊर्जा बचत पर धामी सरकार के बड़े फैसले

देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने वैश्विक संकट और बढ़ती ईंधन लागत को देखते हुए अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के चलते वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ा है। इसका असर भारत पर भी पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के जरिए राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है।

सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को प्राथमिकता दी जाएगी। निजी क्षेत्र में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री और मंत्रियों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ घोषित होगा और उस दिन वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से कार्य किया जाएगा। आम जनता को भी सप्ताह में एक दिन वाहन का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकारी और निजी भवनों में एसी के सीमित उपयोग पर भी जोर दिया जाएगा।

परिवहन विभाग को सार्वजनिक बस सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, वे एक दिन में अधिकतम एक ही वाहन का उपयोग करेंगे। सरकारी कर्मचारियों को भी सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

राज्य में जल्द प्रभावी इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू की जाएगी। नए सरकारी वाहनों की खरीद में 50 प्रतिशत वाहन अनिवार्य रूप से ईवी होंगे। साथ ही चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाएगा।

सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा। “Visit My State” अभियान के तहत घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य में धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों का व्यापक प्रचार किया जाएगा। सरकार ने डेस्टिनेशन वेडिंग को प्रोत्साहन देने और सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था लागू करने का भी फैसला लिया है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

राज्य में “मेरा भारत, मेरा योगदान” जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। “Made in State” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने पर जोर रहेगा। सरकारी खरीद में “Make in India” नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। सरकार नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद सीमित करने के लिए भी जागरूक करेगी।

स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में खाद्य तेल के उपयोग की समीक्षा होगी। होटल, ढाबों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को “लो-ऑयल मेन्यू” अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

किसानों को नेचुरल फार्मिंग, जीरो बजट फार्मिंग और बायो-इनपुट्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य को लेकर भी अभियान चलाया जाएगा।

राज्य में पीएनजी कनेक्शन मिशन मोड में दिए जाएंगे। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में पीएनजी उपयोग को प्राथमिकता मिलेगी। पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस योजनाओं को भी पंचायत और ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार ने माइनिंग, सोलर और पावर प्रोजेक्ट्स की मंजूरी प्रक्रिया तेज करने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी 60 दिनों के भीतर प्रस्तावों को मंजूरी देगी।