‘शुद्धिकरण’ के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी गिरफ्तार

देहरादून। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी और हल्द्वानी में उनकी रैली के बाद मंच के ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सचिवालय और पुलिस मुख्यालय का घेराव किया। प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के आह्वान पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई।

पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। सभी को शाम करीब तीन बजे रिहा कर दिया गया।

एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता सचिवालय की ओर कूच कर रहे थे। सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पर चढ़कर विरोध जताया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।

प्रदर्शन में अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुलेमान अंसारी, प्रदेश प्रवक्ता अभिनव थापर, धर्मपाल घाघट, करण घाघट, गगन चाचर, जगदीश धीमान, वीरेंद्र पोखरियाल, देवेंद्र पाल सिंह, तीरथपाल रवि, ममता सिंह, अमरजीत सिंह, सुशील राठी, विशाल मौर्य, सुनीता प्रकाश, राज आनंद, हिमांशु भट्ट, विकास चौहान, अर्जुन सोनकर, मदन डिंगिया, संजय उनियाल, शिवांशु जायसवाल, अर्जुन पासी, रॉबिन त्यागी, गोदावरी थापली और अभिषेक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खरगे की रैली के बाद एक संगठन ने मंच पर गंगाजल का छिड़काव कर हवन-पूजन किया और उसे ‘शुद्ध’ करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल कांग्रेस अध्यक्ष का अपमान नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि खरगे ने गरीबी और सामाजिक भेदभाव से संघर्ष करते हुए देश की राजनीति में शीर्ष स्थान हासिल किया है। ऐसे में उनका अपमान करोड़ों दलितों, वंचितों और गरीबों का अपमान है। कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।

मदन लाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस मामले में दोषियों को बचा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दो दिन पहले पुलिस को ज्ञापन देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में कांग्रेस को सचिवालय और पुलिस मुख्यालय का घेराव करना पड़ा।