देहरादून। सेलाकुई में गुरुवार देर रात मवेशियों की हड्डी से भरे एक लोडर वाहन में आगजनी और उसके बाद हुए बवाल ने पूरे क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। खाटू श्याम मंदिर के पास हुई इस घटना ने न केवल दोनों पक्षों को आमने-सामने ला खड़ा किया, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की आशंका भी गहरा दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य समेत लगभग 300 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के संबंध में दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर देकर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि जब वे मंदिर से बाहर निकले तो उन्हें दुर्गंधयुक्त वाहन संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। वाहन रोकने पर चालक ने गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और उसके बाद वाहन से गोवंश के अवशेष मिलने का दावा किया गया।
विरोध करने पर चालक और उसके साथी गालियां देने लगे तथा अवशेष फेंककर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस के हस्तक्षेप पर आरोप है कि चालक और उसके साथियों ने सबूत मिटाने की नीयत से स्वयं ही वाहन में आग लगा दी और मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद चालक अपने अन्य साथियों के साथ दोबारा लौट आया और बड़ी संख्या में एकत्रित भीड़ ने जमकर हंगामा किया। इसमें पूर्व जिला पंचायत सदस्य राशिद पहलवान समेत कई नामजद लोगों का भी उल्लेख किया गया है।
दूसरी ओर, वाहन स्वामी पक्ष ने एक बिल्कुल अलग कहानी पेश की है। उनका आरोप है कि वे हड्डियों की खेप को वैधानिक अनुमति लेकर सहारनपुर स्थित फैक्ट्री की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान खाटू श्याम मंदिर के समीप बड़ी संख्या में धार्मिक संगठनों से जुड़े लोग लाठी-डंडों और हथियारों से लैस होकर पहुंचे और वाहन को जबरन रोक लिया।
विरोध करने पर उनका मोबाइल छीन लिया गया, लूटपाट की गई और वाहन को आग के हवाले कर दिया गया। इस पक्ष का कहना है कि मृत मवेशियों की हड्डियों के परिवहन के लिए जिला पंचायत कार्यालय से विधिवत अनुमति ली गई थी, बावजूद इसके उन्हें सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया।
फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष पी.डी. भट्ट ने बताया कि मामले की तहकीकात की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शुक्रवार को एसपी देहात रेनू लोहानी और सीओ रीना राठौर ने सेलाकुई थाना पहुंचकर घटना की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में क्षेत्र की शांति और कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।
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