आखिर क्यों गिरफ्तार हुए बॉबी पंवार

गिरफ्तारी पर उठे सवाल तो, शाम को कर दिया रिहा
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बॉबी के बहाने धामी को घेरा

देहरादून/बागेश्वर। Bobby Panwar arrested उत्तराखण्ड में बेरोजगारों की समस्याओं को उठाने वाले बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार की गिरफ्तारी कई सवाल खड़े कर रही है। हालांकि देर शाम बागेश्वर पुलिस ने बॉबी को रिहा कर दिया, मगर सवाल तब भी बरकरार हैं।

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार को बागेश्वर पुलिस ने गिरफ्तार किया, उनके साथ 4 अन्य लोगों को भी पुलिस ने पकड़ा। पुलिस ने सभी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया।

बॉबी पंवार की गिरफ्तारी की खबर उत्तराखण्ड में जंगल की आग की तरह फैल गई, कई स्थानों पर बेरोजगार युवाओं ने जमा होकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोला, विपक्ष की और से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। विपक्ष और बेरोजगार संघ ने बॉबी पंवार की गिरफ्तारी को तानाशाही रवय्या बताया और कहा कि यह बेरोजगारों की आवाज़ को दबाने की नाकाम कोशिश है।

प्रदेश भर में उठी आवाज़ों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने देर शाम को बॉबी पंवार को रिहा कर दिया गया है। बॉबी की गिरफ्तारी के बाद हरीश रावत ने ट्वीट कर धामी सरकार पर हमला बोला। हरीश रावत ने लिखा सरकार बॉबी पंवार से घबरा गई है।

बता दें बेरोजगार संगठन के अध्यक्ष बॉबी पवार समेत अन्य लोगों को पुलिस ने शुक्रवार को नुमाईशखेत के पास से गिरफ्तार किया। जिसके बाद उन्हें कोतवाली ले जाया गया, यहां बॉबी पंवार, कार्तिक उपाध्याय, भूपेंद्र कोरंगा, राम कंडवाल, नितिन दत्त, के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 188, 186, 171 ळ के तहत कारईवाई की गई।

पुलिस ने पांचों को कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद शाम को उन्हें रिहा कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि बॉबी पंवार के खिलाफ देहरादून में एक मुकदमा दर्ज है। इस मामले में वह बेल पर हैं, बेल में न्याायालय के निर्देश हैं कि वह देहरादून में ही खास जगह में रहकर की संगठन के काम कर सकते हैं, अन्य स्थानों पर नहीं जा सकते, इधर बागेश्वर में विधानसभा उपचुनाव हैं, उसे प्रभावित करने की उनकी मंशा थी।

प्रह्लाद कोंडे के मुताबिक व्हाटएप ग्रुप और इंटलीजेंस इनपुट था कि ये लोग अशांति फैलाने आ रहे हैं, इससे संबंधित कुछ दस्तावेज भी उनके पास थे। उन्होंने जिला प्रशासन से कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने धारा 144 लगे होने के कारण उन्हें अनुमति नहीं दी, उनका कोई राजनैतिक दल नहीं है, वह चुनाव में अशांति फैलाने के लिए यहां आए थे, उनके साथ एक कपकोट तथा अन्य बाहरी क्षेत्र से युवक भी थे। धारा 144 के उल्लंघन पर उनके खिलाफ कार्रवाई हुई।

बाबा बागनाथ के दर्शन करना क्या गुनाहः सुरेश

संघ के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश ने कहा स्थानीय प्रशासन ने चुनाव आचार संहिता और धारा 144 का उल्लंघन बताते हुए संघ के अध्यक्ष को गिरफ्तार किया है, इससे पता चलता है कि प्रदेश के हजारों बेरोजगारों की आवाज को दबाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्थानीय शासन प्रशासन ने बॉबी पवार की गिरफ्तारी की है। संघ के प्रवक्ता का कहना है यदि बॉबी पवार बाबा बागनाथ के दर्शन करना चाहते थे तो कोई गुनाह नहीं कर रहे थे, अगर वह बागेश्वर के युवाओं और वहां के लोगों से संवाद करना चाहते थे तो ये भी कोई गुनाह नहीं था।

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