रक्षाबंधन पर न्याय की राखियां लेकर सीएम आवास पहुंचीं महिलाएं

रक्षाबंधन पर न्याय की राखियां लेकर सीएम आवास पहुंचीं महिलाएं

देहरादून। रक्षाबंधन के पर्व पर उत्तराखंड महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं अंकिता भंडारी सहित प्रदेश की बेटियों और बहनों के न्याय की राखियां लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचीं। महिलाओं के पहुंचने से पहले ही पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर महिलाओं ने अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय दिलाने, सरकार की कथित उदासीनता और सीबीआई जांच की अब तक सामने न आई प्रगति को लेकर सवाल उठाए। महिलाओं ने गीत के माध्यम से मुख्यमंत्री और सरकार को जगाने का प्रयास किया। गीत के भावपूर्ण बोलों में अंकिता भंडारी, नन्ही परी और प्रदेश की उन तमाम बेटियों-बहनों की पीड़ा को स्वर दिया गया, जो दुष्कर्म, हत्या और अन्य गंभीर अपराधों की शिकार हुई हैं।

गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित कई महिलाओं की आंखें नम हो गईं। इसके बाद महिलाओं ने अपने-अपने घरों से तैयार कर लाई गई अंकिता के न्याय की राखियां, रोली, मौली, धूप-दीप एवं मिठाई के साथ मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। काफी देर तक प्रयास के बावजूद जब मुख्यमंत्री महिलाओं से मिलने नहीं पहुंचे तो प्रशासन के अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि रक्षाबंधन बहन की रक्षा के संकल्प का पर्व है। आज उत्तराखंड की बहनें इसी संकल्प को लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंची थीं, लेकिन उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस किसी निर्दाेष व्यक्ति को कटघरे में खड़ा करने की मांग नहीं कर रही है, लेकिन निष्पक्ष जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएं, उन्हें कानून के अनुरूप सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में आशा मनोरमा शर्मा, पुष्पा पंवार, चंद्रकला दीपा चौहान, रेखा ढींगरा, अनीता सकलानी, नंदिता गढ़िया, सीमा, विजया, अनुराधा, बबीता, पार्वती, सरस्वती नेगी, पिंकी पवार, विमला थपलियाल, शशि रावत, इंदु डोभाल, मसूरी खांकरियाल, शारदा चमोली व सरोजनी राणा आदि महिलाएं मौजूद रहीं।