साहित्य के मंच से मजबूत होगी गंगा-जमुनी तहजीब

साहित्य के मंच से मजबूत होगी गंगा-जमुनी तहजीब
नफरत के दौर में मोहब्बत का पैगाम देगा ‘आजादी का पैगाम-इंसानियत के नाम’ कार्यक्रम
आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने और सद्भाव को मजबूत करने की सार्थक पहल
राष्ट्रीय एकता को समर्पित मुशायरा-कवि सम्मेलन 22 अगस्त को होगा आयोजित


देहरादून।
आजादी azadi का जश्न केवल तिरंगा फहराने और देशभक्ति के नारों तक सीमित नहीं है, बल्कि आजादी की असली भावना insaniyat इंसानियत, आपसी भाईचारे, प्रेम, समानता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने में निहित है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से देहरादून में ‘इंसाफ की दस्तक Insaaf ki Dastakऔर एनएपीएसआर’ napsr की और से ‘आजादी का पैगाम-इंसानियत के नाम’ शीर्षक से मुशायरा एवं कवि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम शनिवार 22 अगस्त 2026 को शाम 5ः30 बजे से संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह, रिस्पना पुल के करीब, हरिद्वार बाईपास मार्ग, देहरादून में आयोजित होगा। कार्यक्रम में साहित्य और शायरी के माध्यम से (The ‘Message of Freedom in the Name of Humanity’ program will spread a message of love amidst an era of hatred.) मोहब्बत, इंसानियत, भाईचारे और वतन के प्रति प्रेम का संदेश दिया जाएगा।
इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि इसमें मुशायरा और कवि सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न भाषाई एवं साहित्यिक परंपराओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है। देश की गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरती भी यही है कि कविता और शायरी लोगों को धर्म, जाति और वर्ग की सीमाओं से ऊपर उठाकर दिलों से जोड़ने का काम करती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रयाग आईएएस अकादमी, देहरादून के निदेशक एवं पूर्व राज्यमंत्री आर.ए.खान करेंगे, जबकि याकूब सिद्दीकी, पूर्व राज्यमंत्री मुख्य अतिथि व मौलाना शराफत अली कासमी प्रदेश महासचिव जमीअत उत्तराखण्ड, फादर जेपी सिंह, तारा फाउंडेशन की अध्यक्ष टी-शेरिंग लुडिंग व शेख इकबाल हुसैन निदेशक कोहिनूर आर्ट ज्वेलर्स को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

यह शायर-कवि अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे
कार्यक्रम में उर्दू अकादमी उत्तराखंड के पूर्व उपाध्यक्ष अफ़ज़ल मंगलौरी, जावेद आसी देवबंदी, अंसार सिद्दीकी केराना, इक़बाल आज़र, बदरुद्दीन ज़िया, असलम खतोलवी, धन्नजय उपाध्याय, शादाब मशहदी, अंबिका सिंह रूही, सुनील साहिल, मोनिका मंतशा, शिव चरण शर्मा ‘मुज्तर’, भारती आन्नद, नौशाद अहमद ‘नौशाद’, राजेश आन्नद असीर, शाह आलम, दर्द गढ़वाली, अमजद खान ‘अमजद’, विजय कुमार द्रोणी, परम्वीर कौशिक, इम्तियाज़ अहमद, दीपक अरोड़ा, राही नेहटोरी, शाख़ दूनवी, राजकुमार राज, चेतन सिंह खड़का व अमन रतूड़ी सहित अनेक शायर एवं कविगण अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे।

समाज सेवियों का होगा सम्मान
समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिये, मौलाना अब्दुल मन्नान कासमी, जिला अध्यक्ष जमीअत उलेमा देहरादून, फादर जेपी सिंह, रिटायर पादरी, पूर्व डीन ऑफ देहरादून, दून रतन व बेष्ट ऑफ सीटिजन इन इंडिया आवार्ड से सम्मानित, रक्तदाता शिरोमणि आवार्ड से सम्मानित डॉ. अनिल वर्मा, जिला रेडक्रास सोसाईटी देहरादून के चेयरमैन डॉ. एम एस अंसारी, कल्पना बिष्ट सचिव जिला रेडक्रास सोसाईटी देहरादून, रक्तदाता जाहिद हुसैन, रक्तदाता योगेश अग्रवाल, रक्तदाता मोहन सिंह खत्री व ब्लड फ्रेंडस संस्था को सम्मानित किया जाएगा।

साहित्य बनेगा सद्भाव का सेतु
आज के दौर में जब समाज को बांटने वाली आवाजें अक्सर तेज सुनाई देती हैं, ऐसे आयोजनों की अहमियत और बढ़ जाती है। साहित्य और संस्कृति समाज को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। एक अच्छी कविता या शेर केवल तालियां नहीं बटोरता, बल्कि सोच को बदलने और दिलों में दूसरे के लिए सम्मान पैदा करने की ताकत भी रखता है। ‘आजादी का पैगाम-इंसानियत के नाम’ इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला आयोजन है, जिसका उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि वास्तविक आजादी तभी सार्थक है, जब समाज में नफरत की जगह मोहब्बत, दूरी की जगह भाईचारा और भेदभाव की जगह इंसानियत कायम हो।
आयोजकों ने देहरादूनवासियों से अपील की है कि वे इस साहित्यिक एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों और मुशायरे एवं कवि सम्मेलन के माध्यम से इंसानियत, राष्ट्रीय एकता, आपसी प्रेम और सद्भाव के संदेश को मजबूत करने में अपनी भागीदारी निभाएं।

कार्यक्रम को इंसाफ की दस्तक के फेसबुक पेज Insaaf ki Dastak पर भी देखा जा सकता है