एसआईआर में पात्र मतदाताओं की मदद करेगी जमीयत

एसआईआर में पात्र मतदाताओं की मदद करेगी जमीयत

देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए पात्र मतदाताओं को जागरूक करने और उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जमीयत उलेमा-ए-हिंद, देहरादून शाखा ने व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया है। संगठन बूथ स्तर पर वालंटियर तैनात करेगा, जो निर्वाचन विभाग की ओर से जारी नोटिसों का समय पर जवाब देने और आवश्यक दस्तावेज जमा कराने में मतदाताओं की सहायता करेंगे।

यह निर्णय बुधवार को सईदिया मस्जिद, नूर एनक्लेव, आजाद कॉलोनी में आयोजित जमीयत उलेमा-ए-हिंद की जिला स्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मौलाना अब्दुल मन्नान कासमी ने की। बैठक के बाद प्रदेश प्रवक्ता मोहम्मद शाह नज़र ने बताया कि निर्वाचन विभाग की और से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें समय रहते उनका जवाब देना आवश्यक है। ऐसे में जमीयत का प्रयास रहेगा कि कोई भी पात्र मतदाता केवल जानकारी के अभाव या प्रक्रिया की कठिनाई के कारण अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार की नमाज के दौरान शहर की विभिन्न मस्जिदों से एलान कराया जाएगा, जिसमें नोटिस प्राप्त मतदाताओं से अपील की जाएगी कि वे निर्धारित समय के भीतर अपने बीएलओ के समक्ष आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें। यदि किसी व्यक्ति को प्रक्रिया समझने या दस्तावेज जमा करने में परेशानी आती है तो जमीयत के कार्यकर्ता उसकी हरसंभव सहायता करेंगे।

बैठक में यह भी तय किया गया कि बूथ स्तर पर जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में नोटिस का जवाब देने की प्रक्रिया को सरल प्रारूप के माध्यम से समझाया जाएगा। साथ ही प्रत्येक क्षेत्र में वालंटियर बीएलओ के साथ समन्वय बनाकर नोटिस प्राप्त मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने और उनके प्रपत्र भरवाने में सहयोग करेंगे। जिला अध्यक्ष मौलाना अब्दुल मन्नान कासमी ने कहा कि मतदाता सूची में पात्र नागरिकों का नाम सुरक्षित रहना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों को निर्वाचन विभाग से नोटिस मिला है, वे निर्धारित समय पर अपने बीएलओ के पास पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज जमा करें, ताकि उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में बरकरार रह सके। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं का नाम सूची में सुरक्षित रखना केवल निर्वाचन विभाग ही नहीं बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है।

बैठक में केवल एसआईआर अभियान ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि रबीउल अव्वल के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सीरतुन्नबी के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मस्जिदों से गैर-इस्लामी गतिविधियों से बचने, सामाजिक सद्भाव बनाए रखने तथा नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

इसके अलावा उलेमा से अपील की गई कि जुमे की तकरीरों में नशाखोरी, मोबाइल की बढ़ती लत, दहेज प्रथा तथा शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची जैसे सामाजिक मुद्दों पर लगातार लोगों को जागरूक करें, ताकि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।

गौरतलब है कि निर्वाचन विभाग विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए दस्तावेजों और विवरण के सत्यापन की प्रक्रिया चला रहा है। जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में किसी प्रकार की कमी या विसंगति पाई गई है, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे मतदाताओं को निर्धारित तिथि पर मूल दस्तावेजों के साथ अपना दावा प्रस्तुत करना होगा, जिससे उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में सुरक्षित रखा जा सके। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मतदाता का नाम दो स्थानों पर दर्ज न हो तथा सभी अभिलेख सही और अद्यतन हों।

बैठक में मजलिस तहफ्फुज खत्मे नुबुव्वत के अध्यक्ष मुफ्ती वासिल कासमी, शहर अध्यक्ष मुफ्ती अयाज अहमद, उपाध्यक्ष मौलाना रागिब मजाहिरी, नगर महासचिव मुफ्ती रागिब कासमी, जिला कोषाध्यक्ष मास्टर अब्दुल सत्तार, मौलाना हुसैन, जामा मस्जिद धामावाला के इमाम मुफ्ती हुजैफा कासमी, जिला उपाध्यक्ष मुफ्ती रशीद मिफताही, मौलाना मुतय्यब, मुफ्ती नसीम अहमद, मौलाना मोहम्मद महताब, कारी फाइक अहमद, जमीयत मीम के जिला महासचिव मौलाना गुलशेर कासमी, मौलाना एजाज कासमी, कारी नासिर राणा, मौलाना नफीस, हाजी शमशाद, कारी अब्दुस समद, कारी अबू बकर, मौलाना जाकिर, कारी मुकीम, कारी मुंतज़िर, कारी वसीम अहमद, तौसीफ खान, मौलाना सोबान कासमी, मौलाना जुबैर, मौलाना शुएब कासमी, मौलाना नवाज, कारी फरहान, मोहम्मद इकराम, कारी फरमान, नासिर अली, साजिद मलिक, कारी गुलफाम सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।