- अवैध रूप से संरक्षित पक्षियों को कब्जे में रखने और व्यापार करने का आरोप
- गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत होगी कानूनी कार्रवाई
देहरादून। दून प्रभाग की मालसी रेंज के तहत कांवली क्षेत्र में अवैध रूप से संरक्षित वन्यजीवों के रख-रखाव व व्यापार की सूचना प्राप्त होने पर वन विभाग की और से एक विशेष अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में शेड्यूल-द्वितय् के अंतर्गत संरक्षित प्रजातियों के तोते, जिनमें मुख्यतः रोज-रिंग्ड पैराकीट, अलेक्जेंड्रिन पैराकीट व प्लम-हेडेड पैराकीट शामिल हैं, बरामद किए गए।
कार्रवाई के दौरान दो पुरुष व दो महिलाओं को अवैध रूप से संरक्षित पक्षियों के कब्जे में रखने और व्यापार में संलिप्त पाए जाने पर गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को विधिक कार्यवाही के लिये मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, देहरादून के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस अभियान में उप प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून अभिषेक मैठाणी, वन क्षेत्राधिकारी मालसी शुची चौहान, प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी सतविंदर पाल सिंह तथा वन विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून नीरज शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत सूचीबद्ध प्रजातियों का शिकार, पकड़ना, रखना, खरीद-फरोख्त करना या परिवहन करना पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा यह गंभीर दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण में गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



