- कांग्रेस में दिग्गजों की एंट्री, मगर अंदर ही अंदर घमासान
- रणजीत रावत बनाम संजय नेगी टकराव से पार्टी असहज
देहरादून। दिल्ली में शनिवार को सियासी मंच सजा और एक साथ कई बड़े नामों ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया, भाजपा के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, बसपा के पूर्व विधायक नारायण पाल, भाजपा के ही पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, मसूरी के पूर्व पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता, रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल और पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष लाखन सिंह ने कांग्रेस का दामन थामकर सियासी हलचल तेज कर दी। वहीं, संजय नेगी को पार्टी में शामिल न किये जाने की खबर बाहर आते ही पार्टी में कुनबे के साथ नाराजगी भी बढ़ गई।
बताया जा रहा है कि रामनगर से रणजीत रावत दावेदारी कर रहे हैं, जिस कारण से संजय नेगी को कांग्रेस में शामिल नही कराया गया है। कुल मिलाकर, एक तरफ कांग्रेस में नए चेहरों की एंट्री से ताकत बढ़ती दिख रही है, तो दूसरी तरफ अंदरूनी कलह पार्टी के लिए नई मुसीबत बनती जा रही है। सवाल बड़ा है, क्या ये नई एंट्री कांग्रेस को मजबूती देगी या अंदरूनी संघर्ष इसे कमजोर कर देगा?
कांग्रेस के अंदर ही फूट के संकेत!
कल मैंने ट्वीट किया कि मैं अब 15 दिन राजनीतिक कार्यों और राजनीतिक सोच से विरत (अलग) रहूँगा। अभी आँख खुले चंद घंटे हुए हैं कि निश्चय का पालन कितना कठिन है, उसका आभास मुझे हो रहा है। विपक्ष धर्म पालन के लिए आवश्यक है कि यदि सत्तारूढ़ दल अपने स्वार्थ के लिए राज्य की किसी नीति को… pic.twitter.com/m3rvkzyD5D
— Harish Rawat (@harishrawatcmuk) March 28, 2026
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत खुलकर नाराज नजर आए। वजह थी, संजय नेगी को पार्टी में शामिल न किया जाना। इतना ही नहीं, हरीश रावत ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वे 15 दिनों तक राजनीति से दूरी बनाएंगे, न कोई राजनीतिक गतिविधि, न कोई बयान।
