- अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने मुख्य सचिव से की महत्वपूर्ण मुलाकात
- नियमावली, पाठ्यक्रम, समस्याओं और संभावनाओं पर हुई चर्चा
देहरादून। उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्राधिकरण की कार्यप्रणाली, नियमावली, पाठ्यक्रम तथा संस्थानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के संचालन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को मुख्य सचिव के समक्ष रखा।
बैठक में पाठ्यक्रम को समयानुकूल और रोजगारपरक बनाने पर भी चर्चा हुई। सुरजीत सिंह ने कहा कि अल्पसंख्यक संस्थानों में पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक विषयों, कौशल विकास और डिजिटल शिक्षा को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि छात्र प्रतिस्पर्धी माहौल में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
नियमावली में सुधार और सरलीकरण पर चर्चा
प्राधिकरण की मौजूदा नियमावली को अधिक प्रभावी और सरल बनाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि नियमों को इस तरह से संशोधित किया जाए, जिससे संस्थानों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से राहत मिले और वे शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर सकें। मुख्य सचिव ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आवश्यक संशोधनों के लिए विभागीय स्तर पर पहल का आश्वासन दिया।
शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने प्राधिकरण को निर्देशित किया कि संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही, निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत करने और समय-समय पर समीक्षा बैठक आयोजित करने पर भी सहमति बनी।
संस्थानों को मिलेगा बेहतर सहयोग
बैठक में यह भी तय हुआ कि अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर अधिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और एक समर्पित सहायता तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
