औली में गूंजा शीत उत्सव का शंखनाद

औली में गूंजा शीत उत्सव का शंखनाद

चमोली। देवभूमि के विश्वप्रसिद्ध पर्वतीय पर्यटन स्थल औली में शुक्रवार को राष्ट्रीय हिमक्रीड़ा स्कीइंग शीतकालीन महोत्सव-2026 का शुभारंभ हुआ। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दीप प्रज्वलित कर चार दिवसीय महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया।

औली की पावन एवं मनोहारी धरती पर आयोजित इस आयोजन में मंत्री ने कहा कि यहां उपस्थित होना उनके लिए गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और स्पष्ट संकल्प के परिणामस्वरूप उत्तराखंड को विश्वस्तरीय शीतकालीन पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल संभव हो सकी है।

मंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक चेतना और साहसिक संभावनाओं का अद्वितीय संगम है। समुद्र तल से लगभग 2500 से 3050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित औली अपने विस्तृत प्राकृतिक ढलानों, ओक और देवदार के घने वनों तथा नंदा देवी, कामेत और माना क्षेत्र के हिमालयी शिखरों के दिव्य दृश्यों के कारण देश का प्रमुख शीतकालीन गंतव्य बन चुका है। यहां की भौगोलिक संरचना और अनुकूल जलवायु इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए आदर्श स्थल बनाती है।

13 से 16 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस शीतकालीन महोत्सव में स्कीइंग प्रतियोगिताएं, साहसिक खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा स्थानीय लोककलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं। मंत्री ने कहा कि यह आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा, गृह-आवास योजना और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देगा तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगा।

मंत्री ने घोषणा की कि औली में शीतकालीन पर्यटन और साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए यह महोत्सव प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाएगा। अप्रैल 2026 में भारतीय सेना के साथ “सूर्य देवभूमि चुनौती” का आयोजन प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत हेलंग से उर्गम, रुद्रनाथ, मंडल होते हुए ऊखीमठ तक लगभग 91 किलोमीटर लंबी पगडंडी दौड़ आयोजित की जाएगी।

नीति घाटी में 31 मई को “नीति अत्यंत अल्ट्रा दौड़” का आयोजन प्रस्तावित है। इसमें रिमखिम से नीति होकर मलारी तक 75 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन तथा मलारी से नीति होकर मलारी तक 42 किलोमीटर मैराथन आयोजित होगी। विदेशी प्रतिभागियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

जून 2026 में भारतीय सेना के सहयोग से बदरीनाथ और माणा क्षेत्र में देवभूमि सांस्कृतिक उत्सव का दूसरा संस्करण आयोजित किया जाएगा।
80 के दशक में कुमाऊं और गढ़वाल के मध्य होने वाली प्रसिद्ध हिमालयन मोटर रैली का वर्ष 2026 में पुनः आयोजन प्रस्तावित है।
पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक्रो उत्सव को प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले कैलेंडर कार्यक्रम के रूप में शामिल किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत केदारनाथ और हेमकुंड रोपवे निर्माण कार्य इसी वर्ष प्रारंभ किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल, विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल, जोशीमठ नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पवार सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।