- मस्जिद प्रबंधन ने मुफ्ती हशीम कासमी के नाम का किया ऐलान
- उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड और मुस्लिम सेवा संगठन ने जताया एतराज
देहरादून। दून की ऐतिहासिक जामा मस्जिद पलटन बाजार के इमाम मुफ्ती हशीम कासमी को देहरादून शहर का नया काजी नियुक्त किया गया है। वहीं, उनकी नियुक्ती पर सवाल भी उठाने शुरू हो गये हैं।
शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद जामा मस्जिद पलटन बाजार प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नसीम अहमद ने दो वर्ष से जामा मस्जिद पलटन बाजार में इमामत के फराईज अंजाम दे रहे मुफ्ती हशीम सिद्दीकी कासमी को शहर काजी नियुक्त करने का ऐलान किया। उन्होने कहा कि जामा मस्जिद पलटन बाजार और ईदगाह के इमाम ही हमेशा से शहर काजी रहे हैं। इसलिए मुफ्ती हशीम कासमी जो कि विगत दो वर्षों से जामा मस्जिद के इमाम है, को शहर काजी बनाया जा रहा है।
वहीं, उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड ने इस फैसले पर एतराज जताया है, और कमेटी को भंग कर वहां प्रशासक नियुक्त करने के संकेत दिये हैं, इसके अलावा मुस्लिम सेवा संगठन ने भी शहर काजी के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उल्लेखनीय है कि विगत 22 नवंबर 2025 को शहर काजी मौलाना मौहम्मद अहमद कासमी का निधन हो गया था। उनके निधन के बाद से ही शहर काजी का पद खाली था।

इस प्रकार के फैसले को सही नही माना जा सकता, प्रबंधन समिति का कार्यकाल समाप्त हो चुका था, उनहे नितिगत फैसले लेने का अधिकार नही हैं। हमने कहा था कि सभी के मशविरे से फैसला लिया जाएगा। बोर्ड कमेटी के स्थान पर प्रशासक नियुक्त करने जा रहा है…
शादाब शम्स
अध्यक्ष, उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड।

मुस्लिम सेवा संगठन का मानना है कि ये नियुक्ति पूर्णतः असवैंधानिक है। जिन लोगों की और से शहर काज़ी की नियुक्ति की घोषणा की है, उनका कार्यकाल वर्ष 2021 में समाप्त हो चुका है। कतिपय कमेटी में अध्यक्ष तथा सचिव का पद रिक्त है। इन दोनों ही कारणों से कमेटी का निर्णय असंवैधानिक है जिसे माना नहीं जा सकता। शहर में भी जो उलेमा है अधिकांश से कोई मशविरा नहीं किया गया। मुस्लिम सेवा संगठन इस गैरकानूनी नियुक्ति का विरोध करता है।
आकिब कुरैशी
उपाध्यक्ष, मुस्लिम सेवा संगठन
फर्जीवाड़ा कर बनाया गया शहर क़ाज़ीः मुफ्ती रईस कासमी

इमाम संगठन के अध्यक्ष मुफ्ती रईस कासमी ने कहा कि शहर काजी बनाने में फर्जीवाड़ा किया गया है। किसी उलेमा या जिम्मेदार की राय नहीं ली गई। इसका विरोध करते हुए और जल्द ही जिले भर के उलेमा की एक बैठक बुलाई जा रही है, जिसमें नये शहर काजी का चयन उलेमा और शहर के जिम्मेदार नागरिक करेंगे, ना कि कमेटी के कुछ चंद लोग।
मुफ्ती रईस कासमी
अध्यक्ष, इमाम संगठन
