शहर क़ाज़ी की याद में होगा एक मस्जिद का निर्माण

शहर क़ाज़ी की याद में होगा एक मस्जिद का निर्माण

देहरादून। दून के शहर काज़ी, जमीअत के प्रदेश उपाध्यक्ष और तहफ़्फ़ुज़ ख़त्म-ए-नबुव्वत के संरक्षक मौलाना मोहम्मद अहमद क़ासमी के इंतेक़ाल पर सना मस्जिद में जमीयत उलेमा-ए-हिंद और तहफ़्फ़ुज़ ख़त्म-ए-नबुव्वत की ओर से एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता मुफ़्ती वासिल ने और संचालन मौलाना ऐजाज़ ने किया।

अंत में दुआ शहर मुफ़्ती सलीम अहमद क़ासमी ने कराई। सभी वक्ताओं ने मौलाना क़ासमी को एक संजीदा, सादगी पसंद और सबको साथ लेकर चलने वाले इंसान के रूप में याद किया। उन्होंने प्रशासन और समाज के बीच हमेशा एक पुल का काम किया और अपनी निगरानी में कई संगठनों को मजबूत दिशा दी।

सभा में यह महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया कि, उनकी याद में शहर में एक मस्जिद का निर्माण कराया जाएगा और मक्का मस्जिद में उनकी याद में एक स्मृति-शिला स्थापित की जाएगी। हाफ़िज़ शाहनज़र ने बताया कि माजरा कांड, मियावालां कांड, राजीवनगर बवाल जैसे कई संवेदनशील मामलों में शांति स्थापित कराने में मौलाना क़ासमी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने दहेज, नशे, शादी में फ़िज़ूलखर्ची और ड्रॉप आउट बच्चों की शिक्षा जैसे मुद्दों पर भी बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए।

कार्यक्रम में मुफ़्ती सलीम क़ासमी, मुफ़्ती रईस अहमद क़ासमी, मुफ़्ती अयाज़ अहमद, मुफ़्ती नाज़िम अशरफ़, मौलाना मोहम्मद अकबर क़ासमी ने मौलाना क़ासमी साहिब के लिए दुआएँ कीं और उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।

इस मौके पर मौलाना अब्दुल कुद्दूस, मुफ्ती रागिब क़ासमी, मौलाना नूर इलाही, मौलाना गुलशेर, मुफ्ती ताहिर क़ासमी, मुफ्ती जियाउल हक़, मुफ्ती अरशद, प्रधान अब्दुल रज्जाक, मौलाना अब्दुल मन्नान क़ासमी, मुफ्ती बुरहान क़ासमी रब्बानी, मुफ्ती खुशनुद क़ासमी, क़ारी मोहम्मद अहसान, मौलाना शराकत क़ासमी, मौलाना शाकिर क़ासमी, मौलाना हुसैन अहमद क़ासमी, मौलाना महताब क़ासमी, याकूब सिद्दीकी, आकिब कुरैशी, नईम कुरैशी, शहर काजी के बेटे जलीस अहमद, रिजवान अहमद, मास्टर अब्दुल सत्तार, कारी नईम, इलियास अंसारी, कारी मोहम्मद अरशद, मुफ्ती हीफजान क़ासमी, हाजी हसीनुद्दीन, मौलाना एहतिशाम क़ासमी, कारी अबुल फजल, मौलाना सलमान नदवी, मौलाना मोहम्मद आमिर क़ासमी, क़ारी सरवर, कारी शकील अहमद, मौलाना नौशाद क़ासमी, कारी फाइक, क़ारी अकरम, मौलाना अकबर अली, कालू भगत, सुनील कुमार आदि ने शिरकत की।