कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार हो रही हत्याओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। महज 16 दिनों के भीतर जिले में पांच अलग-अलग हत्याकांड सामने आए हैं। ताजा मामला 13 फरवरी की सुबह का है, जब राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी के पास जिम से बाहर निकल रहे युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है, जबकि पुलिस प्रशासन पर अपराध पर अंकुश लगाने का दबाव बढ़ गया है।
ताजा घटना: जिम से निकलते ही मारी गई गोली
शुक्रवार 13 फरवरी की सुबह राजपुर थाना क्षेत्र में विक्रम शर्मा नामक युवक को उस समय तीन गोलियां मार दी गईं, जब वह जिम से बाहर निकल रहा था। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
दो दिन पहले भी हुआ था गोलीकांड
इससे पहले 11 फरवरी को देहरादून में 40 वर्षीय व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं 2 फरवरी को एक युवती की गला रेतकर हत्या का मामला सामने आया था। 31 जनवरी को ऋषिकेश में एक महिला को गोली मार दी गई थी, जबकि 29 जनवरी को विकासनगर में 18 वर्षीय छात्रा की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था।
16 दिनों में 5 हत्याएं: घटनाओं की क्रमवार सूची
- 29 जनवरी: विकासनगर में 18 वर्षीय छात्रा की हत्या
- 31 जनवरी: ऋषिकेश में महिला की गोली मारकर हत्या
- 2 फरवरी: देहरादून में युवती की गला रेतकर हत्या
- 11 फरवरी: देहरादून में 40 वर्षीय व्यक्ति की गोली मारकर हत्या
- 13 फरवरी: राजपुर रोड पर जिम से निकल रहे युवक की गोली मारकर हत्या
इन घटनाओं में कई मामलों में गोलीबारी शामिल रही, जिससे अवैध हथियारों की उपलब्धता और आपराधिक गतिविधियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बढ़ती वारदातों से चिंता
लगातार हो रही हत्याओं ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। शहर के प्रमुख इलाकों में दिनदहाड़े वारदात होना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अधिकांश मामलों में आरोपियों की पहचान कर ली गई है और कई मामलों में गिरफ्तारी भी की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और निगरानी तेज करने की बात कही जा रही है।
देहरादून को लंबे समय तक अपेक्षाकृत शांत शहर माना जाता रहा है, लेकिन हालिया घटनाओं ने उस छवि को झटका दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध की बदलती प्रवृत्ति और आपसी रंजिश जैसे कारणों की गहन जांच की आवश्यकता है। राजधानी में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाने और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
