SIR 2026: उत्तराखंड में 13.89 लाख मतदाता घटे, कांग्रेस ने उठाए सवाल

13.89 लाख मतदाताओं के नाम काटने को रची साजिशः कांग्रेस
एसआईआर पर कांग्रेस का बड़ा आरोप, न्यायालय जाने की तैयारी
6 जनवरी 2025 को उत्तराखंड में 85,19,271 मतदाता थे, अब बचे 7158949
कांग्रेस ने कहा-फर्जी फार्म-7 और स्वतः सृजित फार्म-7 से पात्र मतदाताओं के नाम काटे


इंसाफ की दस्तक ब्यूरो
देहरादून।
उत्तराखंड कांग्रेस की एसआईआर समिति ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) SIR प्रक्रिया को अनावश्यक और मतदाताओं को परेशान करने वाली बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को कांग्रेस congress भवन में पत्रकारो से वार्ता करते हुए एसआईआर sir कमेटी के अध्यक्ष, पूर्व विधायक मनोज रावत manoj rawat ने दावा है कि एसआईआर के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम काटने के लिए बड़े पैमाने पर फार्म-7 का इस्तेमाल किया गया। उन्होने ने कहा कि वह इस मामले में जल्द ही उच्च न्यायालय या सर्वाेच्च न्यायालय का रुख करेगी।
रावत के अनुसार 6 जनवरी 2025 को उत्तराखंड में 85,19,271 मतदाता थे। प्री-एसआईआर और एसआईआर के विभिन्न चरणों में करीब 13.89 लाख सामान्य मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। इनमें 29 मई 2026 से पहले सॉफ्टवेयर के माध्यम से हटाए गए 4,53,459 दोहरे मतदाताओं का विधानसभा और बूथवार आंकड़ा उपलब्ध नहीं होने का दावा भी किया गया है। तीन अक्तूबर 2026 को अंतिम सूची के बाद सामान्य और सर्विस मतदाताओं की कुल संख्या 7158949 रह गई है।
प्रेसवार्ता में प्रदेश महासचिव राजेंद्र भंडारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (अल्पसंख्यक) हाजी सुलेमान अंसारी, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, एसआईआर कमेटी के सदस्य अमेंद्र बिष्ट व एडवोकेट संदीप चमोली आदि मौजूद रहे।

96,704 फार्म-7, सिर्फ 7,523 नाम हटेमनोज रावत के मुताबिक दावे और आपत्तियों के दौरान 96,704 आपत्तिकर्ताओं ने फार्म-7 के जरिए नाम हटाने के आवेदन किए। कांग्रेस के विरोध और कानूनी अभियान के बाद इनमें से केवल 7,523 मतदाताओं के नाम हटाए जा सके। पार्टी का दावा है कि इनमें अधिकांश आवेदन स्वयं मतदाता या उनके परिजनों द्वारा नाम दूसरे बूथ पर स्थानांतरित कराने के लिए किए गए थे।
कांग्रेस के 70 बीएलए-1 और 11,600 बीएलए-2 ने राज्य की करीब 30 विधानसभा सीटों में फार्म-7 की जांच की। कई जगह गरीब, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े और कम पढ़े-लिखे मतदाताओं के नाम काटने के लिए फर्जी फार्म-7 लगाए गए।

झबरेड़ा में 40 भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिए शपथपत्र
कांग्रेस का आरोप है कि झबरेड़ा विधानसभा में करीब 40 भाजपा आपत्तिकर्ताओं, जिनमें अधिकांश बीएलए बताए गए, ने ईआरओ को शपथपत्र देकर कहा कि उनके नाम से फार्म-7 की आपत्तियां गलत तरीके से लगाई गईं। कांग्रेस ने कहा कि फार्म-6, 7 और 8 में गलत सूचना देना अपराध है और वह फर्जी आवेदन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही है।

97,186 मतदाताओं को नहीं मिला सुनवाई का मौका
रावत ने कहा कि ड्राफ्ट सूची में शामिल 24,30,387 मतदाताओं को तार्किक विसंगतियों और नॉट मैप्ड मामलों को लेकर नोटिस दिए गए। इनमें से 97,186 मतदाताओं ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। पार्टी का आरोप है कि इन्हें इनएलिजिबल मतदाता मानते हुए सिस्टम से फार्म-7 स्वतः सृजित कर दिए गए और अंतिम सूची में इन 97,186 नामों को हटा दिया गया, जबकि उन्हें सुनवाई का अवसर नहीं मिला।
उन्होने हरिद्वार ग्रामीण के बूथ संख्या 65 (सराय) का उदाहरण देते हुए कहा कि 28 सितंबर को सूची से हटाए गए 123 मतदाताओं की जांच में वे सभी पात्र पाए गए। पार्टी के अनुसार इन मतदाताओं ने बीएलओ को प्रमाणपत्र भी दिए थे, जिन्हें सिस्टम में अपलोड किया गया था। मनोज का दावा है कि हरिद्वार ग्रामीण में 28 सितंबर के बाद 4,000 से अधिक नाम काटे गए।

2014 में 68.83 लाख, 2017 में 75.93 लाख मतदाता
कांग्रेस ने मतदाता संख्या में भारी उतार-चढ़ाव पर भी सवाल उठाए। उसके अनुसार 2014 लोकसभा चुनाव में 68,83,379 और 2017 विधानसभा चुनाव में 75,92,996 मतदाता थे। इसके बाद संख्या बढ़कर 6 जनवरी 2025 को 85,19,271 हो गई। रावतका कहना है कि जनवरी 2026 से शुरू प्री-एसआईआर और 3 अक्तूबर 2026 की अंतिम सूची के बीच करीब 13.89 लाख मतदाताओं की कमी गंभीर सवाल खड़े करती है।
चुनाव आयोग का डुप्लीकेशन सॉफ्टवेयर भी दोहरे मतदाताओं की पहचान में पूरी तरह सफल नहीं रहा। कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रहे हैं और कांग्रेस ने आयोग से प्रत्येक दोहरे मतदाता का नाम हटाने की मांग की है।

फॉर्म-6 पर भी उठाए सवाल
मनोज रावत ने नाम कटने के बाद फार्म-6 के जरिए नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। कहा कि फार्म-6 में पहली बार मतदाता बनने की घोषणा करनी होती है। ऐसे में पहले से मतदाता रहे और गलत तरीके से हटाए गए व्यक्ति के लिए फार्म-6 भरना कानूनी समस्या पैदा कर सकता है। कांग्रेस ने कहा कि इस स्थिति में निर्दाेष मतदाता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बीएलओ और पत्रकारों का जताया आभार
एसआईआर समिति ने एसआईआर प्रक्रिया में काम करने वाले बीएलओ, कर्मचारियों और अधिकारियों, विशेषकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यकुशलता और निष्पक्षता की सराहना की। समिति ने कहा कि राज्य के अधिकारियों ने कई शिकायतों पर तत्परता दिखाई, हालांकि प्रक्रिया का बड़ा हिस्सा दिल्ली से नियंत्रित होने के कारण उनके सामने भी सीमाएं रहीं। कांग्रेस ने एसआईआर की खामियों को सामने लाने में भूमिका निभाने वाले पत्रकारों, चैनलों, वेब पोर्टलों, फोटो पत्रकारों और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स का भी आभार जताया।