स्टार्टअप चैलेंज में जीता लाखों का पुरस्कार

रनवे इनक्यूबेटर टेक ऑफ स्टार्टअप चैलेंज के विजेता अभिजीत खंडागल व यालावर्ती ग्राह्या को सम्मानित करते रनवे इनक्यूबेटर के सीईओ और यूपीईएस स्कूल ऑफ बिजनेस के निदेशक राहुल नैनवाल।
  • अभिजीत ने जीता 2.5 लाख का पुरस्कार
  • रनवे इनक्यूबेटर टेक ऑफ स्टार्टअप चैलेंज के विजेताओं की हुई घोषणा
  • उपविजेता यालावर्ती ग्रह्या ने 1.5 लाख रुपये जीते
  • दूसरे एडिशन में देश भर के 400 से अधिक उद्यमियों ने लिया हिस्सा


देहरादून।
(Runway Incubator Takes Off Startup Challenge रनवे) इनक्यूबेटर ने टेक ऑफ स्टार्टअप चैलेंज के दूसरे एडिशन के विजेताओं की घोषणा की। (Abhijeet Khandagale of Nagpur) नागपुर के अभिजीत खंडागले ने अपना स्टार्टअप एकत्रा पेश करके 2.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार जीता। (Ektra is a Generative AI Platform) एकत्रा एक जेनरेटिव एआई प्लेटफॉर्म है जो टेक्स्ट (एसएमएस और व्हाट्सएप सहित) का उपयोग करके हाइपर-पर्सनलाइज्ड लर्निंग एक्सपीरियंस प्रदान करता है। स्टार्टअप प्रतियोगिता की सह-मेजबानी (UPES School of Business and Runway Incubator Pearl Academy) यूपीईएस स्कूल ऑफ बिजनेस और रनवे इनक्यूबेटर ने पर्ल एकेडमी के साथ पार्टनरशिप में की थी।


हैदराबाद की इंजीनियरिंग स्नातक यालावर्ती ग्राह्या (Engineering graduate of Hyderabad Yalavarti Grahya) ने अपने स्टार्टअप 2.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार आईएनवीआईयू सिस्टम् ( INVIU SYSTEMS) के लिए 1.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार जीता, जो मोबिलिटी लिमिटेशन वाले व्यक्तियों की मदद करता है। आईएनवीआईयू चलने की असमानता का एक कम्प्रेहैन्सिव एनालिसिस प्रदान करता है जो डॉक्टरों को प्रभावी उपचार और रिहैबिलिटेशन योजनाओं का सुझाव देने में मदद करता है। इसके अलावा, ये समाधान मरीजों को सशक्त बनाने के लिए एक कस्टमाइज्ड एप्रोच, शक्तिशाली सेंसर तकनीक और वर्चुअल थेरेपी जैसी क्षमताएं प्रदान करता है।


इस चैलेंज के विजेताओं की घोषणा नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में की गई, जहां टॉप 10 टीमों ने अपने स्टार्टअप प्रस्तुत किए और एक जूरी के सामने प्रदर्शित किया। जूरी में पावर गमीज़ के सीईओ दिविज बजाज, 4700 बीसी के संस्थापक चिराग गुप्ता, आईएएन फंड के एवीपी प्रीतीश सहगल और द इंडिया नेटवर्क के संस्थापक और सीईओ राहुल नार्वेकर जैसे प्रतिष्ठित सदस्य शामिल थे।


प्रतियोगिता में भारत भर के युवा उद्यमियों के आईडिया, प्रोडक्ट्स और बिज़नेस मॉडल का शानदार प्रदर्शन देखा गया। प्रतियोगिता में सोशल इम्पैक्ट, हेल्थकेयर और बायोटेक, डी दू सी, फिनटेक, मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स, एआई, एमएल, फैशन एंड लाइफस्टाइल, एनर्जी एंड सस्टेनेबिलिटी और एड-टेक जैसे विभिन्न सेक्टर्स से 400 से अधिक महत्वाकांक्षी उद्यमियों ने भाग लिया। शीर्ष 10 शॉर्टलिस्ट किए गए आइडियाज में से प्रत्येक ने एक इनोवेटिव कांसेप्ट का प्रदर्शन किया, जिसने प्रतिभागियों की बिज़नेस विज़न से जूरी और ऑडियंस दोनों को प्रभावित किया।


रनवे इनक्यूबेटर के सीईओ और यूपीईएस स्कूल ऑफ बिजनेस के निदेशक राहुल नैनवाल ने कहा, टेक ऑफ चैलेंज के दूसरे एडिशन ने हमको उत्साह से भर दिया है। उनके इनोवेटिव आइडियाज और स्पष्ट विज़न ने कम्पटीशन के स्तर को काफी ऊपर उठाया है।


टेक ऑफ विजेता, अभिजीत खंडागले ने कहा,“रनवे टेक ऑफ चैलेंज में भाग लेना मेरे लिए एक अद्भुत अनुभव था। अब तक, रनवे इनक्यूबेटर ने 37 इनोवेटिव स्टार्टअप्स को अनुदान के रूप में 1 लाख रुपये दिए हैं और 200 से अधिक यूनिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया है। दिसंबर 2021 में लॉन्च किया गया ये चैलेंज यूपीईएस काउंसिल फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (यूसीआईई) के तहत स्थापित किया गया था, जिसे उत्तराखंड सरकार द्वारा उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने और राज्य में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए एक बिजनेस इनक्यूबेटर और राज्य नोडल एजेंसी के रूप में मान्यता दी गई है।

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